July 3, 2020 00:00:00
Daily Dharaledar / Punjab
(समुंद्र) "मैं"सुन रहा हूँ.....। आज "मैं" शांत हूँ, तू आ बैठ मेरे किनारो पर, कह डाल अपने मन के सारे जज्बा़त, "मैं" सुन रहा हूँ। जो तू अपनी राह बनना चाहता है, किसे तू अपनी चाह बनाना चाहता है, "मैं" तेरा हमदर्द बनकर खड़ा हूँ, जो भी है तेरे दिल के अरमान..... "मैं" सुन रहा हूँ। बहुत बड़ा हूँ "मैं" , तेरे सारे राज़ अपनी गहराई मे इस कद्र छुपा लूँगा,कोई देख भी ना पाएगा, तू रो रहा होगा, पर औरों की निगाहों मे तू हमेशा मुस्कुराता नजर आएगा, जो भी तू ख्याल बुन रहा है, आज खोल दे वो सब भेद..... "मैं" सुन रहा हूँ। ऐसे कब तक तू, खामोश रहेगा, कब तक कोई बात किसी से ना कहेगा, आखिर कब तक तू ,यू तन्हा सा रहेगा, आज है मौका "धवन"तेरे पास, क्यो रहता तू उदास, हर एक बात का तू करदे पर्दाफ़ाश...... "मैं" सुन रहा हूँ। द्वारा अनिल धवन सिरसा, मोबाइल नम्बर 9700797800
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